फ़ंज सल्तनत

फुंज सल्तनत

سلطنة الفونج
1500–1821
राजधानीसिनार
प्रचलित भाषा(एँ)नुबियन, अरबी
सरकारराजतंत्र
• सुल्तान
प्रथम सुल्तान अमारा डुन्कास
इतिहास 
• स्थापना
1500
• मिस्री विजय
1821
अब जिस देश का हिस्सा है Sudan

फुंज सल्तनत (या सिनार की फुंज सल्तनत) लगभग 1500 से 1821 तक सूडान के उत्तरी नील घाटी क्षेत्र पर शासन करने वाला एक शक्तिशाली राज्य था। यह 15वीं सदी में इस्लामिक प्रभाव के तहत एक नुबियन सांस्कृतिक पुनरुत्थान का हिस्सा था, जिसे आंतरिक संघर्षों और बाहरी आक्रमणों की प्रतिक्रिया में उभरते देखा गया। इस सल्तनत की सीमाएँ उत्तर में तीसरी जलप्रपात (कैटरैक्ट) से लेकर दक्षिण में दलदली क्षेत्र तक फैली हुई थीं। इसके अलावा, यह पूर्व में इथियोपियाई पठार और लाल सागर के तटों तक फैला था, हालांकि सुआकिन बंदरगाह पर बाहरी शासन बना रहा।

राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था

फुंज सल्तनत अपने समय में एक प्रभावशाली साम्राज्य था, जिसमें नुबियन मूल के लोग सत्ता के केंद्र में थे और चारों ओर विविध जातीय समूहों की अधीनता थी। राज्य की आर्थिक व्यवस्था कृषि पर आधारित थी, जिससे करों के रूप में राजस्व आता था। इसके अलावा, सोना, हाथी दांत और दासों के व्यापार से बाहरी व्यापारिक गतिविधियाँ संचालित होती थीं।[1]

इस सल्तनत की शासन प्रणाली मातृवंशीय थी, जहाँ सुल्तान का उत्तराधिकार मातृ पक्ष से तय होता था। सुल्तान की नियुक्ति के बाद भी यदि उसे दरबार द्वारा अस्वीकार कर दिया जाता, तो उसका मातृ पक्ष के वरिष्ठ सदस्य द्वारा निष्पादन किया जा सकता था। राजपरिवार और कुलीनों के बीच विवाह संबंधों की एक जटिल प्रणाली थी, जहाँ उच्च कुलीन अपने बहनों और पुत्रियों का विवाह उच्च पदस्थ व्यक्तियों से कराते थे।[2]

सैन्य संघर्ष और विदेशी संबंध

सल्तनत के प्रारंभिक काल में इसने ओटोमन साम्राज्य की दक्षिण की ओर बढ़ती शक्ति का विरोध किया। 16वीं शताब्दी के अंत में उत्तरी प्रांत में एक विद्रोह हुआ, जिसे दबाने में काफी संघर्ष हुआ। इसके अलावा, दक्षिण में निलोत जनजातियों के विस्तार को रोकने के लिए लगातार सैन्य प्रयास किए गए।[3]

फुंज सल्तनत के पड़ोसी राज्यों, विशेषकर इथियोपिया, दारफुर और वदाई के साथ राजनीतिक संबंध थे। कई बार इन राज्यों के निर्वासित राजकुमारों को फुंज दरबार में शरण दी गई, जिन्हें राजनीतिक संपत्ति की तरह इस्तेमाल किया जाता था। इथियोपियाई साम्राज्य द्वारा 1618-1619 और 1744 में दो बार बड़े आक्रमण किए गए, जिन्हें फुंज सेना ने विफल कर दिया।[2]

सिनार – राजधानी का विकास

शुरुआती वर्षों में फुंज राजाओं की राजधानी अस्थायी हुआ करती थी और यह राजा के साथ बदलती रहती थी। लेकिन, कुछ सरकारी संस्थानों को स्थायित्व की आवश्यकता थी, विशेष रूप से शाही कोषागार, जहाँ लक्जरी वस्तुएँ और सामरिक उपकरण रखे जाते थे। सिनार शहर को फुंज राजाओं ने एक स्थायी प्रशासनिक केंद्र के रूप में चुना, जो ब्लू नाइल के पश्चिमी तट पर स्थित था।[4]

17वीं शताब्दी के दौरान सुल्तान बदी द्वितीय (1644–1681) ने सिनार को एक स्थायी राजधानी में बदल दिया। उन्होंने एक भव्य मस्जिद और एक विशाल शाही महल का निर्माण कराया। इसके बाद सिनार वाणिज्य और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया, जहाँ विदेशी व्यापारी, कुशल कारीगर और विद्वान आकर्षित हुए। 1700 में यहाँ की अनुमानित जनसंख्या लगभग 100,000 थी।[5]

अंतिम पतन और मिस्री विजय

18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में, फुंज सल्तनत आंतरिक संघर्षों और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों से कमजोर पड़ गई। एक नए शहरी मध्यम वर्ग का उदय हुआ, जिसने पारंपरिक सत्ता संरचना को चुनौती दी। 1762 में हमाज विद्रोहियों ने मोहम्मद अबू लाइकेलिक के नेतृत्व में फुंज राजवंश को उखाड़ फेंका, और इसके बाद राज्य का अंतिम काल संघर्षों से भरा रहा। 1820-1821 में मिस्र के शासक मुहम्मद अली पाशा ने सूडान पर आक्रमण किया और फुंज सल्तनत को अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके साथ ही, सूडान में औपनिवेशिक शासन की शुरुआत हुई।[1]

निष्कर्ष

फुंज सल्तनत का इतिहास सूडान और उत्तर-पूर्वी अफ्रीका की राजनीतिक और सांस्कृतिक संरचना को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। यह राज्य न केवल एक सैन्य शक्ति थी बल्कि इस्लामी संस्कृति, व्यापार और प्रशासनिक परंपराओं का भी केंद्र रहा। हालाँकि, आंतरिक संघर्षों और बाहरी आक्रमणों ने इसके अंत को सुनिश्चित किया, लेकिन इसकी विरासत सूडान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बनी हुई है।[3]

संदर्भ

सन्दर्भ की झलक

  1. Peacock, A.C.S. (2012). "The Ottomans and the Funj sultanate in the sixteenth and seventeenth centuries". Bulletin of the School of Oriental and African Studies, University of London. 75 (1): 87–111. आइ॰एस॰एस॰एन॰ 0041-977X.
  2. Spaulding, Jay (2016), "Funj Sultanate of Sinnar", The Encyclopedia of Empire (अंग्रेज़ी में), John Wiley & Sons, Ltd, पपृ॰ 1–2, आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1-118-45507-4, डीओआइ:10.1002/9781118455074.wbeoe007, अभिगमन तिथि 2025-01-25
  3. "Funj Sultanate". Oxford Reference (अंग्रेज़ी में). डीओआइ:10.1093/oi/authority.20110803095838728. अभिगमन तिथि 2025-01-25.
  4. Holt, P. M. (1963). "Funj origins: A critique and new evidence". The Journal of African History (अंग्रेज़ी में). 4 (1): 39–55. आइ॰एस॰एस॰एन॰ 1469-5138. डीओआइ:10.1017/S0021853700003704.
  5. "Funj Dynasty | Sudan's Medieval Islamic Empire | Britannica". www.britannica.com (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2025-01-25.